Doosra Ishq | Mid Night Diary | Manjari Soni

दूसरा इश्क़ | मंजरी सोनी

सुनो,मुझे दोबारा इश्क़ हो गया हैं
हा,सही सुना तुमने के मुझे
फिर ये हवा ने छुआ है।

वो तुम्हारी ही तरह है,
रात भर सुनता हैं,मुझे
हाँ,मुझे सीने से लगा कर
तो कभी उसके सीने पर सर रखकर
बड़े प्यार से रात भर सुलाता हैं।

हा सही सुना तुमने के मुझे
फिर ये हवा ने छुआ है।

तुम्हारी ही तरह उसको सब हैं पता
भीगाया हैं दामन मैंने आँसुओं से
उसका कितनी ही दफ़ा
हर बार प्यार से सहलाया हैं,उसने मुझे।।

बस वो मेरी बातों का जवाब नहीं देता
बाक़ी सब बेहतरीन हैं,उसमें
लेकिन ख़ामोशी असीम हैं,उसमें
दरसल वो “तकिया” हैं मेरा
हाँ,सही सुना तुमने वो सिराना हैं मेरा
काली अंधेरी रातों का साथी हैं मेरी
बस वही मोहब्बत है अब मेरी।।

 

 

-मंजरी सोनी

 

Manjari Soni
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