Darmiyaan | Mid Night Diary | Dinesh Gupta

Darmiyaan | Dinesh Gupta

तेरे सुर्ख होंठो की नरमियाँ याद है
तेरी सर्द आहों की गरमियाँ याद है
कुछ भी तो नहीं भूले हम आज भी
जो कुछ भी था दरमियाँ याद है….

याद है बिन तेरे वो शहर का सूनापन
संग तेरे वो गाँव की गलियाँ याद है
याद है वो महकता हुआ गुलशन
वो खिलती हुई कलियाँ याद है..

याद है तेरी आँखों की वो मस्तियाँ
तेरी जुल्फों की वो बदलियाँ याद है
कुछ भी तो नहीं भूले हम आज भी
जो कुछ भी था दरमियाँ याद है….

याद है कल वो बीता हुआ
वो हारी हुई बाज़ी, पल वो जीता हुआ
संग तेरे लम्हों का यूँ गुजरना याद है
याद है बिन तेरे मौसम वो रीता हुआ

 

-दिनेश गुप्ता

 

Dinesh Gupta
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