Coffee | Mid Night Diary | Amita Gautam

कॉफ़ी | अमिता गौतम

आंसू बहुत है मेरी आँखों में,
तुम्हारे इंतज़ार की ही वजह है,

शिक़वे भी बहुत है तुमसे मुझे,
तुम मिलो तो सारे गिले दिखाऊ तुमको मै,

पर अब हमारी मुलाकात मुझे वो अधिकार नहीं देगी,
कैसे तुम पर अपना हक जता दू,

पर सच तो यही हैं मेरे दिल में,
आज भी तुम्हारी मोहब्बत जिन्दा है,

और तुमको जब भी अपने पास पाती हूँ,
दिल की धड़कने दस्तक देने लगती हैं,

मेरा मन असमंजस में आ जाता है,
तुमको ही देखती हूं में आज भी,

और सोचती हूँ आखिर क्यों,
क्यों हमारे बीच वैसा कुछ रिश्ता नहीं रहा,

वक़्त बहुत दिया था तुमको मेने,
पर तुम्हारा ही वक़्त नहीं आया,

हाँ वही सही वक़्त जिसके इंतज़ार में तुमने मुझे ही भुला दिया,
पर वो वक़्त नहीं आया आज तक,

मुझे तो कुछ भी न मिला,
मंजिल भी न हुई मेरी, न ही तू ही मिला,

पर मेरे दिल में आज भी तुम्हारे लिए ही प्यार है,
ये दिल धड़कता तुम्हारे लिए ही है,

सुनना चाहो तो अभी भी सुनाई देगी इसकी आवाज़ तुमको,
हा मेरी गलती थी में मानती हूं ,

नहीं समझ पाई में तुमको,
न तुम्हारे ज़ज़्बातों को,

पर क्या करती में भी तुमको भी तो कहना चाहिए था न मुझसे,
हां हम दोस्त थे पर,

पर हमेशा उससे ज्यादा ही महसूस किया था तुमको मेने,
एहसास तुम्हारे लिए जो था मेरे दिल के कोने में कही,

उस एहसास का एहसास दिला देते एक बार मुझे,
तो आज हम साथ होते ,

एक साथ कॉफ़ी पीते हुए,
हां वही कॉफ़ी जो तुमको पसन्द थी मेरे हाथों की।

 

-अमिता गौतम 

 

Amita Gautam
Amita Gautam

380total visits,1visits today

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: