Chandani Ke Badhte Kadam | Mid Night Diary | Kusum Manjeshri

चांदनी के बढते कदम | कुसुम मंजेश्री | एक सच्ची प्रेरणात्मक जीवन कथा

यहां पर हर रोज हर किसी को एक नई कहानी चाहिए, और कहानी भी ऐसी वैसे नहीं कहानी में राजा या तो रानी चाहिए,
कभी कोई उनकी भी बात कर लो,
जो कोने में रहते हैं गंदे नाले और कूड़े की बदबू को हर रोज सहते हैं,

तो चलो हर रोज एक नई बात कर लो,
राजा, रानी या किसी प्रेम कहानी को छोड़कर कभी उनकी भी बात कर लो,
अपने इस व्यस्त समय से निकाल कर एक पल, जाकर उनसे भी मिल लो। 

यह कहानी है छोटे छोटे घरों में रहने वाले लोगों की,
जिनका घर बहुत छोटा है पर दिल बहुत बड़ा है,
यहां पर हर आदमी एक दूसरे के लिए हर पल खड़ा है।

यह कहानी है उस चांदनी की जो रहती तो अंधेरे एक कोने में थी, पर उस छोटी चांदनी ने सबके घरों में चांदनी फैलाने की ठान ली थी,
बचपन से ही उसने जो अपनी जिंदगी में झेला है,
उसकी कल्पना भी हम नहीं कर सकते, उस माहौल में अगर एक पल भी हमको रहना पड़े तो हम नहीं रह सकते।

वह बच्चे जो कूड़ा करकट इकट्ठा करते है,
जो काफी मजबूरियों के कारण गंदगी से गुजरते हैं,
पढ़ाई का एक अक्षर तो दूर, विद्यालय का दरवाजा भी नहीं देखा जिन्होंने,
जाकर पूछो उनसे वह भी पढ़ने की चाह रखते हैं। 

एक अनोखी मैगज़ीन – “स्लम पोस्ट मैगजीन” मे हर रोज निकलती है एक नई कहानी,
जिसकी पत्रकार बनी नन्हीं सयानी,
स्वयं की संस्था “वॉइस ऑफ स्लम्स” से अब स्लम्स के बच्चों को शिक्षा प्रदान कर आगे बढ़ाती है,
ऐसी चांदनी को मेरा सलाम जो अपने बेहतरीन नाम और काम से जानी जाती है।

 

 

-कुसुम मंजेश्री

 

Kusum Manjeshri
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