Category: Micro Tales

बेनाम ख़त, तेरे नाम…

Ek Kagaj | Mid Night Diary | Avnish Kumar | #UnmuktIndia
#OneGoOneImpact, #UnmuktIndia

एक कागज | अवनीश कुमार | #उन्मुक्तइंडिया

“कागज़ दिखाओ गाड़ी के” ऐसा बोल कर किसी चौराहे पर खड़ा पुलिस वाला आते जाते लोगो से चाय पानी का जुगाड़ कर लेता है। मै किसी नेता की तरह कागज़ की इस दशा पर बातContinue reading

Benaam Khat

तोहफा | अमन सिंह | दिवाली – अ गिफ्ट ऑफ़ लव | #बेनामख़त

पिछले कई हफ्ते सिर्फ इसी जद्दोजहद में गुजार दिये कि आखिर तुम्हें तोहफ़े में क्या दूँ? देने को ऐसे ही कुछ भी कैसे दे दूं? तुम्हें बस यूँही कुछ खास या बेहद खास नहीं देनाContinue reading

Ek Cup Chai | Mid Night Diary | Deepti Pathak | #UnmuktIndia
#OneGoOneImpact, #UnmuktIndia, Short Stories

एक कप चाय | दीप्ति पाठक | #उन्मुक्तइंडिया

हर शाम office के बाद सामने की चाय की थड़ी पर बैठ कर चाय पीने की जैसे कोई लत सी लग गयी थी… मेरे हर दिन का हिस्सा सा हो चला था ये हर शामContinue reading

Beti Ke Naam Khat | Mid Night Diary | Hridesh Kumar Surtakar
Micro Tales

बेटी के नाम ख़त | हृदेश कुमार सूत्रकार

प्रिय बेटा, जब तुम करीब 1 साल की थी, तब मैंने तुम्हें पहली बार अपनी गोद मे उठाया था। वो 1 साल का वक्त इसलिए लगा क्यों कि तुम बहुत नाजुक थी, और मेरे हाथ लोहे काContinue reading

Ek Bhookha | Mid Night Diary | Avnish Kumar | #UnmuktIndia | #17000Km | Ashish Sharma
#OneGoOneImpact, #UnmuktIndia, Short Stories

एक भूखा | अवनीश कुमार | #उन्मुक्तइंडिया

एक शाम जब थोड़ी भूख महसूस हुई तो, कमरे से निकल बाहर गली में खुली दुकान पर जा पहुँचा। ये वो दुकान थी, जहाँ से उठती खाने की खुश्बू ,किसी के भी मुह में पानीContinue reading

Main Aur Mera One Side Love | Mid Night Diary | Bhavna Tripathi | One Sided Love Micro Tale
Micro Tales

मैं और मेरा वन साइड लव | भावना त्रिपाठी | वन साइडेड लव माइक्रो टेल

पता नहीं तुम्हें याद होगा भी कि नहीं पर मुझे तो याद है सबकुछ, हाँ! सबकुछ क्लास, कैंटीन, कैंपस, एनुअल प्रोग्राम,उसमें परफॉर्म करती तुम और तुम से जुड़ा सब, क्योंकि मुझे ही तो था तुमसे,वहContinue reading

Intejar-e-Mulaqaat | Mid Night Diary | Manjari Soni
Micro Tales

इन्तजार-ए-मुलाक़ात | मंजरी सोनी

दबे पाव ख़ामोशी से ऊँची-नीची सीड़ियों से होते हुए ,तुम शहर के बाहर वाले टूटे-फूटे महल की छत पर आना ,मैं बना के लाऊँगी मैथि के पराँठे खटे मीठे निम्बू के अचार के साथ फिरContinue reading

Wajood | Mid Night Diary | Vaidehi Sharma
Micro Tales

वजूद | वैदेही शर्मा

मेरा वक्त, मेरे सवाल, मेरे वहम… सब बिखरे पड़े थे जैसे किसी चादर की सलबटो से हो….. खामोशियाँ यूँ छाई थी जैसे, ना तू बोलना जनता हो ना मैँ.. मैंने उन अल्फ़ाज़ों को कई बारContinue reading

Benaam Khat, Love

कातिल | वैदेही शर्मा

तुम्हारी आँखों की चमक से मेरा राबता उतना ही गहरा है, जितना हमारे दरमियान बैठे हुए इस सन्नाटे का है। हमारे दफ़न हो चुके जज़्बातों के साथ ठीक वैसे ही जैसे इसे किसी सख़्त चीख़Continue reading