Category: Micro Tales

बेनाम ख़त, तेरे नाम…

Lag Ja Gale | Mid Night Diary | Aman Singh
Benaam Khat

Lag Ja Gale | Aman Singh | Benaam Khat

तुमने जब भी मुझे गले लगाना चाहा है, मैंने तुम्हारी बाहों में खुद को सौपने से पहले अपने हाथ खोलकर तुम्हें अपने सीने में छुपा लिया। मैं ऐसा सिर्फ इसलिये ही नहीं करता कि तुम्हारेContinue reading

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Ye Duniya Le Dekar Chalati Hai | Jay Verma

बात यदि प्रेम की हो तो सभी के हृदयों में गुदगुदी होने लगती है।यहाँ प्रेम से अभिप्राय प्रणय से अर्थात स्त्री-पुरुष के आकर्षण सम्बन्धी सम्बन्धों से है। जैसे ही प्रेम की बात उठती है हरContinue reading

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Shardi Ki EK Shaam | Saransh Shrivastava

सर्द मौसम था और हवा भी चुभने लगी थी अब, हालाँकि ये चुभन अच्छी भी लगती है। कोहरा और कोहरे को चीरते हुए रोज़ तुमतक आने का सुकून भी कुछ और ही होता है। रोज़ सुबहContinue reading

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Kaam Khatam | Musafir Tanzeem

रात के 2 बज रहे थे।चारों तरफ सन्नाटा और गलियों में सरकारी लाइटों का उजाला छाया हुआ था। सुमित के घर की बेल लगातार बज रही थी,ऐसा लग रहा था जैसे कोई बड़ी मुसीबत में होContinue reading

Ek Shaam | Mid Night Diary | Aman Singh | The Last Meeting
Benaam Khat

Ek Shaam | Aman Singh | The Last Meeting

याद है तुम्हें, कुछ हफ्तों पहले.. शाम के वक़्त साथ बैठे हुये, तुमनें मेरा हाथ अपने हाथ में ले लिया था और मैं बिना एक लफ्ज़ कहे, आँखों के अश्क़ों से कितना कुछ कह गयाContinue reading

Ek Kagaj | Mid Night Diary | Avnish Kumar | #UnmuktIndia
#OneGoOneImpact, #UnmuktIndia

Ek Kagaj | Avnish Kumar | #UnmuktIndia

“कागज़ दिखाओ गाड़ी के” ऐसा बोल कर किसी चौराहे पर खड़ा पुलिस वाला आते जाते लोगो से चाय पानी का जुगाड़ कर लेता है। मै किसी नेता की तरह कागज़ की इस दशा पर बातContinue reading

Benaam Khat

Tohfaa | Aman Singh | Diwali – A Gift Of Love

पिछले कई हफ्ते सिर्फ इसी जद्दोजहद में गुजार दिये कि आखिर तुम्हें तोहफ़े में क्या दूँ? देने को ऐसे ही कुछ भी कैसे दे दूं? तुम्हें बस यूँही कुछ खास या बेहद खास नहीं देनाContinue reading

Ashudh | Mid Night Diary | Aayush Paul
Micro Tales

Ashudh | Aayush Paul

सूरज की पहली किरण खिड़की के दरारों से होते हुए दस बाय बारह के कमरे में दुर्गेश की आँखों को सिकोड़ ही रही थी कि माँ की आवाज़ कानो तक पहुच गयी, पर माँ केContinue reading

Beti Ke Naam Khat | Mid Night Diary | Hridesh Kumar Surtakar
Micro Tales

Beti Ke Naam Khat | Hridesh Kumar Surtakar

प्रिय बेटा, जब तुम करीब 1 साल की थी, तब मैंने तुम्हें पहली बार अपनी गोद मे उठाया था। वो 1 साल का वक्त इसलिए लगा क्यों कि तुम बहुत नाजुक थी, और मेरे हाथ लोहे काContinue reading