Category: Poetry

Kanha Tune Preet Sikhai | Mid Night Diary | Anupama verma
Poetry

कान्हा तूने प्रीत सिखाई | अनुपमा वर्मा

नीरस लगता था हर एक क्षण नाउम्मीद था हर एक कल शून्य था मै स्वयं मे अब तक तूने पूर्णता की ज्योत जगाई मन को मेरे दिशा दिखाई कान्हा तूने प्रीत सिखाई जग की रोशनीContinue reading

Makaan | Mid Night Diary | Yash Sharma
Poetry

मकाँ | यश शर्मा

गर आओगी इस मकाँ कभी तो इसे उजड़ा हुआ पाओगी वीराना कमरा भी होगा एक पर अब वो कमरा भी क्या उस कमरे में जा के देखना वो चादर की सिलवटें और कुछ तस्वीरें तुम्हारीContinue reading

Poetry

हर रात तन्हा गुजर जाती है | ‘उपासना पाण्डेय’ आकांक्षा

आज हर शाम तन्हा गुजर जाती है, किसी की याद में आंखे भर जाती है, बेचैनियों में काटती है मेरी राते, हर रात तन्हा गुजर जाती है, कोई शामिल नही मेरे दर्द में तेरे सिवा,Continue reading

Chandrma Kho Gya Kahin | Mid Night Diary | Swati Gothwal
Poetry

चंद्रमा खो गया है कहीं | स्वाति गोटवाल

प्रात काल के वक़्त जिस गुलाबी चंद्रमा पर बैठकर तुम और मैं ढेरों बातें करते थे ,वो चंद्रमा खो गया है कहीं। मेरी काली बिंदी के आकार जितना इस काले से संसार में, वो गुलाबीContinue reading

Poetry

दुआ कौन देगा | अमिता गौतम | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

तू चली गई दूर माँ, अब दुआ कौन देगा, भूख लगेंगी तो,खाने को पुआ कौन देगा, यहाँ कितने लोग है जो चाहते है मेरा बुरा, जब आएगी कोई मुश्किल, सलाह कौन देगा। अपने ज़ख्मो कीContinue reading

Maa Jeevan Ki Lay Hai | Mid Night Diary | Divyanshu Kashyap TEJAS
Poetry

माँ जीवन की लय है | दिव्यांशु कश्यप “तेजस” | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

अगणित तानें हैं पर माँ जीवन की लय है। खुशियों के आंसू और गलती का भय है। और रिश्ते बहुत हैं इस दुनिया मे कहने को, पर माँ यदि तुम हो तो इस जग कीContinue reading

Poetry

माँ का साया | दीप्ति पाठक | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

वो ज़िन्दगी की तेज धूप में जो आँचल हमेशा मुझपर लहराया है, लगता है मेरी माँ का साया है, वो चांदनी हर रात में यूँ जो चाँद मुझे देख मुस्कुराया है,लगता है मेरी माँ काContinue reading

Maa | Mid Night Diary | Akash Singh Chandel | Mother's Day Special
Poetry

माँ | आकाश सिंह चंदेल | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

सात बजे का स्कूल था वो चार बजे उठ जाती थी। एक माँ ही तो थी, जो हर काम मेरा करवाती थी। पूरे घर का काम निपटा के, फिर वो मुझे पढ़ाती थी। एक माँContinue reading

Poetry

तुझपे मै क्या गीत लिखूं | कृष्ण कुमार पाण्डेय | मदर’स डे स्पेशल | #अनलॉकदइमोशन

हर शब्द तुझसे आता है, हर शब्द तुझ तक जाता है, शब्दों की पिरोकर माला, तुझको मै कैसे मीत लिखूं, तुझपे मै क्या गीत लिखूं, तुझपे मै क्या गीत लिखूं, रात भी तू है, तूContinue reading