Category: Poetry

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Koi Aur Hai | Prashant Sharma

हर दम जिस से मुआमला है मेरा, उसका सिलसिला कोई और है। हर्फ़ जैसा बिखरा पड़ा है वजूद मेरा, उसके जज़्बात कोई और है। मैं क़र्ज़ में दबा बेठा हु जिसके, उसका मोल कोई और है।Continue reading

Aashna | Mid Night Diary | Reshtu Kumari
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Aashna | Reshtu Kumari

हमारा नाम नहीं है, है पर कोई याद है, कोई था जो इस नाम से किसी को बुलाया करता था, कोई था जो इस नाम पर बेवजह मुस्कुराया करता था, लहजा याद है उसका, याद हैContinue reading

Tawayaf Ki Beti | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
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Tawayaf Ki Beti | Aditi Chatterjee

हर रात घड़ी कि सुई मुझको चुभती है, ये बेदर्दी रात, ये घूप अँधेरा और माँ का इंतज़ार बढ़ता ही जाता है। सुरज ढलते ही रोज़ माँ काम पे निकल जाती है, वो जिस्म नहींContinue reading

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Kal, Cigarette Aur Tum | Dharmendra Singh

कल मेरी सिगरेट शायद आखिरी बार जलेगी फ़िक्र को धुँए में उड़ाने की नाकाम कोशिश मैं कल फिर से करूँगा शायद तुमसे कुछ वादे करके मैं कल फिर भूल जाऊँगा शायद मैं वो झूठी कसमेंContinue reading

Sab Humein Kabool Hai | Mid Night Diary | Ashwani Singh
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Sab Humein Kabool Hai | Ashwani Singh

वो खिज़ा में झड़ते पत्ते वो नदी का सूखा जाना वो जन्नत तक जाते रश्ते वो साखों का झुक जाना सब हमे क़ुबूल हैं वो इश्क़ के तामीर छत्ते वो परिंदे का वापस आना वोContinue reading

Raavan | Mid Night Diary | Musafir Tanzeem
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Raavan | Musafir Tanzeem

जब तुम हँसते हो किसी सहकर्मी के स्तन या नितम्ब के बारे में छिछली सी बातें करके तब मुझे लगता है रावण अभी मरा नहीं है। बैठ गया है वो हमारे दिमाग में जब किसीContinue reading

Darmiyaan | Mid Night Diary | Dinesh Gupta
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Darmiyaan | Dinesh Gupta

तेरे सुर्ख होंठो की नरमियाँ याद है तेरी सर्द आहों की गरमियाँ याद है कुछ भी तो नहीं भूले हम आज भी जो कुछ भी था दरमियाँ याद है…. याद है बिन तेरे वो शहरContinue reading

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Diya Antim Aas Ka | Dinesh Gupta

दीया अंतिम आस का, प्याला अंतिम प्यास का वक्त नहीं अब, हास-परिहास-उपहास का कदम बढाकर मंजिल छू लूँ, हाथ उठाकर आसमाँ पहर अंतिम रात का, इंतज़ार प्रभात का बस एक बार उठ जाऊँ, उठकर संभलContinue reading