Category: Ghazal

Ghazal

Khone Ka Dar | Divyanshu Kashyap ‘Tejas’

तुझे पाने की चाहत नहीं मुझको, पर तुझे खोने का डर लगता है। रिश्ता भी कुछ खास नहीं तुझसे, पर ये डर मुझको हर पहर लगता है।। खानाबदोश जिन्दगी थी मेरी अब से पहले परContinue reading