Category: Ghazal

Ek Kali | Mid Night Diary | Divyanshu Kashyap TEJAS
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एक कली | दिव्यांशू कश्यप ‘तेजस’

मेरे घर मे भी उजाले की एक कली आए। मैं चाहता हूँ की पूरे गांव में बिजली आए। कोई देखे छज्जे से अपनी झुल्फों के बीच से, मेरी मोहब्बत में भी ऐसी एक गली आए।।Continue reading

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ख़ैर छोड़ो फिर कभी | शुभम् गोस्वामी “आग़ाज़”

क्या हमारी बात होगी.? ख़ैर छोड़ो फिर कभी। इक नई शुरुवात होगी.? ख़ैर छोड़ो फिर कभी।। सीख कर आया हूँ फिर से इश्क़ का शतरंज मैं। अबके उसकी मात होगी.? ख़ैर छोड़ो फिर कभी।। पाक़Continue reading

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रिहा हो जाएं | अनुभव कुश | #अनलॉकदइमोशन

इस दफा तुझपे मुश्किल बस इतनी आए, एक ईद का चांद हो और धुंध समां हो जाए। तुम ग़ज़ल रचो मुझसे तामीर हो कविता, जब तुक मिला बैठे तो खुदा रज़ा हो जाए। उतार तोContinue reading

Mukammal Ishq Se Pahle | Mid Night Diary | Shashwat Singh | #UnlockTheEmotion
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मुकम्मल इश्क से पहले | शाश्वत सिंह | #अनलॉकदइमोशन

मैं ज़मीं से तारे तोड़ गया आसमाँ के लिए मुझे मुआफ करना मेरी इस खता के लिए जुर्म जिसके खातिर सारे की है मैंने वह खुद दे तो मैं तैयार हूँ हर सज़ा के लिएContinue reading

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एक उम्र गुज़ारी है | शाश्वत सिंह | #अनलॉकदइमोशन

एक उम्र लग गई है मुझको सबको यह समझाने में कुछ तो सच होता ही है हर झूठ है अफ़साने में इस ज़माने को ऐसी नज़रों से ना देखो यारों भूल न जाना तुम भीContinue reading

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खोने का डर | दिव्यांशु कश्यप ‘तेजस’

तुझे पाने की चाहत नहीं मुझको, पर तुझे खोने का डर लगता है। रिश्ता भी कुछ खास नहीं तुझसे, पर ये डर मुझको हर पहर लगता है।। खानाबदोश जिन्दगी थी मेरी अब से पहले परContinue reading

Kisi Ko To Shikayat Ho Rahi Hai | Mid Night Diary | Abhinav Saxena | Ghazal
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किसी को तो शिकायत हो रही है | अभिनव सक्सेना | ग़ज़ल

मिरी खुद से अदावत हो रही है, हमें ये किसकी आदत हो रही है। हमीं से खुद नहीं मिल पा रहे हम किसी को तो शिकायत हो रही है। यहां पेड़ों के साये हैं बहुतContinue reading