Author: Mid Night Diary

Sab Humein Kabool Hai | Mid Night Diary | Ashwani Singh
Poetry

Sab Humein Kabool Hai | Ashwani Singh

वो खिज़ा में झड़ते पत्ते वो नदी का सूखा जाना वो जन्नत तक जाते रश्ते वो साखों का झुक जाना सब हमे क़ुबूल हैं वो इश्क़ के तामीर छत्ते वो परिंदे का वापस आना वोContinue reading

Raavan | Mid Night Diary | Musafir Tanzeem
Poetry

Raavan | Musafir Tanzeem

जब तुम हँसते हो किसी सहकर्मी के स्तन या नितम्ब के बारे में छिछली सी बातें करके तब मुझे लगता है रावण अभी मरा नहीं है। बैठ गया है वो हमारे दिमाग में जब किसीContinue reading

Darmiyaan | Mid Night Diary | Dinesh Gupta
Poetry

Darmiyaan | Dinesh Gupta

तेरे सुर्ख होंठो की नरमियाँ याद है तेरी सर्द आहों की गरमियाँ याद है कुछ भी तो नहीं भूले हम आज भी जो कुछ भी था दरमियाँ याद है…. याद है बिन तेरे वो शहरContinue reading

Short Stories

Chintu | Gopal Yadav

आज डोरेमॉन नोबिता को कौन सा गैजेट देगा। सुनियो नजाने कौन सी डींग हाँकने वाला है। जियान किस किस को पीटेगा। सिजुका के सामने कैसे आज नोबिता बड़ी बड़ी बातें करेगा। भीम का पाला किस्सेContinue reading

Poetry

Diya Antim Aas Ka | Dinesh Gupta

दीया अंतिम आस का, प्याला अंतिम प्यास का वक्त नहीं अब, हास-परिहास-उपहास का कदम बढाकर मंजिल छू लूँ, हाथ उठाकर आसमाँ पहर अंतिम रात का, इंतज़ार प्रभात का बस एक बार उठ जाऊँ, उठकर संभलContinue reading

Micro Tales

Kaam Khatam | Musafir Tanzeem

रात के 2 बज रहे थे।चारों तरफ सन्नाटा और गलियों में सरकारी लाइटों का उजाला छाया हुआ था। सुमित के घर की बेल लगातार बज रही थी,ऐसा लग रहा था जैसे कोई बड़ी मुसीबत में होContinue reading

Ek Kagaj | Mid Night Diary | Avnish Kumar | #UnmuktIndia
#OneGoOneImpact, #UnmuktIndia

Ek Kagaj | Avnish Kumar | #UnmuktIndia

“कागज़ दिखाओ गाड़ी के” ऐसा बोल कर किसी चौराहे पर खड़ा पुलिस वाला आते जाते लोगो से चाय पानी का जुगाड़ कर लेता है। मै किसी नेता की तरह कागज़ की इस दशा पर बातContinue reading

Uncategorized

Jab Bhi Tum Yaad Aati Ho | Dinesh Gupta

उम्र के हर पड़ाव में, जीवन के हर बदलाव में रात में कभी दिन में, धूप में कभी छाँव में जज़्बातों के दबाव में, भावनाओं के बहाव में ज़ख्मों पर मरहमों में, मरहमों पर फिरContinue reading