Adhoora Khwaab | Mid Night Diary | Ashwani Singh | #UnlockTheEmotion

अधूरा ख़्वाब | अश्वनी सिंह | #अनलॉकदइमोशन

तुम्हे जब पहली दफा देखा तो सोचा अपने दिल की कब्र खोद के फिर से अपनी मोहब्बत को जिंदा’ करू और लगा जो धागा पुरानी मोहब्बत के खातिर मजार. में बाँधा था उसकी बरकत आज़ मिली हैं ।

हो सकता हैं तेरी नजर मेरे चेहरे की economy पे हो पर मैंने तुझमे अलहदा gdp growth देखी हैं! लेकिन इतना यकींन तो मेरे दिल को हैँ जिस तरह संगम में मुख्तलिफ.. नादिया मिली हैं उसी तरह हमारी भावनाये भी मिलेंगी ।

आज हमारी पहली भेंट हैं, मुझें उतनी ही बेचैनी हो रही हैं जितनी black money holders को 8 नवम्बर को हुई थी, और यही हाल शायद तुम्हारा भी हो रहा होगा

मैं तेरे चेहरे से मुखातिब होना चाहता हूँ लेकिन कहीं ये सपना टूट न जाए ,कही नींद सरफराज की तरह धोखा न दे जाए और एक बार ग़र मेरी नींद टूट गयी फिर पता नहीँ 201 2 की प्रलय की तरह ख़्वाब आये न आये

आगे और लिखना चाहता हूँ मैं तुम्हे और बहुत कुछ बताना चाहता हूँ आगे लिखूं तो शायद हृदय में ‘इरमा’ तूफ़ान आ सकता हैँ ,इसलिए छोड़ो रहने देता हूँ फिर किसी और भाग में तुमसे मिलूँगा और इक्कल-दुवक्ल के तीसरे घर में जिलूँगा।

 

-अश्वनी सिंह 

 

Ashwani Singh
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