Day: August 15, 2018

Aazadi | Mid Night Diary | Vinay Kumar
Poetry

आजादी | विनय कुमार

उसकी आजादी कैद हैसोच के तालो मे कहीशुरूआत भी करे तो क्यों करेउस चाबी को हाथ में उठाये क्यों कोई ये हमारा मान है या हैइसमें फर्क समझे क्यों कोईउसकी नजर झुके तो क्यों झुकेऐसाContinue reading