Day: August 1, 2018

Ghazal ho Tum | Mid Night Diary | Vinay Kumar
Poetry

ग़ज़ल हो तुम | विनय कुमार

उस रोज जब उसने मझसे पूछा की अब क्या हूँ मैं तुम्हारे लिए?जब मेरी ख़ामोशी मेरे दिल की धड़कनो से बात करती है जब मेरी खुली आँखे तुम्हारे धुंधलाते चेहरे का दीदार करती हैजब मेराContinue reading