Day: July 22, 2018

Poetry

आज फिर से जीने को दिल करता है | नयनसी श्रीवास्तव

सब कुछ तो है पास मेरे… न जाने क्या ढूंढ रही हूं न जाने आखिर किस चीज की कमी है कल तक जो आसमां था मेरे लिए… आज मेरी वह जमीन है ढूंढती फिरती हूंContinue reading