Day: July 19, 2018

Diwali Mnana Chahta Hun | Mid Night Diary | Vinay Kumar
Poetry

दिवाली मानना चाहता हूँ | विनय कुमार

क्यों तुम मुझे मैं जैसा हूँवैसा नहीं अपनातेक्यों तुम मुझेदूसरे लोगोँ सेतोलते होक्यों तुम मुझेवो बनाना चाहते हो जो मैं हु ही नहींमैं सावन की घटा नहीं तो क्या हुआमैं उस जंगल का छोटा साContinue reading