Day: June 22, 2018

Chandrma Kho Gya Kahin | Mid Night Diary | Swati Gothwal
Poetry

चंद्रमा खो गया है कहीं | स्वाति गोटवाल

प्रात काल के वक़्त जिस गुलाबी चंद्रमा पर बैठकर तुम और मैं ढेरों बातें करते थे ,वो चंद्रमा खो गया है कहीं। मेरी काली बिंदी के आकार जितना इस काले से संसार में, वो गुलाबीContinue reading