Month: March 2018

Poetry

पता नहीं | अनुप्रिया अग्रहरि

पता नहीं उसके ख्यालों में मैं हूँ या नहीं। पर मेरे ख्यालों में वो हर वक़्त रहता है।। पता नहीं उसके सांसों में मेरी खुश्बू है या नहीं। पर मेरे सांसों में उसकी खुशबू हरContinue reading

Mohabbat Kiye Jaa Rahe Hain Sab | Mid Night Diary | Prashant Sharma
Poetry

मोहब्बत किए जा रहे हैं सब | प्रशान्त शर्मा 

मोहब्बत मोहब्बत किए जा रहे हैं सब। इलाज़ पता नही किसी को, बीमार हुए जा रहे हैं सब। कोई बाज़ार मालुम होता है ये, खैरात में दिल दिए जा रहे हैं सब। वो जो महसूस होताContinue reading

Ghazal

ख़ैर छोड़ो फिर कभी | शुभम् गोस्वामी “आग़ाज़”

क्या हमारी बात होगी.? ख़ैर छोड़ो फिर कभी। इक नई शुरुवात होगी.? ख़ैर छोड़ो फिर कभी।। सीख कर आया हूँ फिर से इश्क़ का शतरंज मैं। अबके उसकी मात होगी.? ख़ैर छोड़ो फिर कभी।। पाक़Continue reading

Tanhaai | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

तन्हाई | अदिति चटर्जी

है मेरी हमसफर, ये तन्हाई अकेले में लिपटकर प्यार जताती है अपना भिड़ में देखती रहती है मुझे दूर से शायद दिलाना चाहती हो एहसास उसके साथ का। मेरी आँखों में सिमटकर ढूँढ़ती रहती हैContinue reading

Jeevan Bhar Jo Yaad Rahega | Mid Night Diary | Rahul Vyas
Poetry

जीवन भर जो याद रहेगा | राहुल व्यास

एहसासों के पन्नें लेकर मैं स्वांसों के छंद लिखूंगा । जीवन भर जो याद रहेगा मैं एक ऐसा बंध लिखूंगा ।। जीवन के कोलाहल से कुछ वक़्त चुराकर लाया हूँ इन स्याह अँधेरी रातों सेContinue reading

Doosra Ishq | Mid Night Diary | Manjari Soni
Poetry

दूसरा इश्क़ | मंजरी सोनी

सुनो,मुझे दोबारा इश्क़ हो गया हैं हा,सही सुना तुमने के मुझे फिर ये हवा ने छुआ है। वो तुम्हारी ही तरह है, रात भर सुनता हैं,मुझे हाँ,मुझे सीने से लगा कर तो कभी उसके सीनेContinue reading

Mujhse Tum Naraaz Thi Kya | Mid Night Diary | Prashant Sharma
Poetry

मुझसे तुम नाराज़ थी क्या | प्रशान्त शर्मा

नाम मेरा, तुम्हारी आवाज़ थी क्या। चाँद कल लाल हुए बैठा था, मुझसे तुम नाराज़ थी क्या। बातें करते करते तुम चुप हो जाया करती थी। जो मुझसे नहीं कही कभी, वो बातें राज़ थी क्या।Continue reading

Ek Adhoori Kavita | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

एक अधुरी कविता | अदिति चटर्जी 

क्या कभी किसी कविता को अधूरा छोड़ तुमने बेमन से दूसरे काम को ‘हाँ’ कहा है? महसूस किया है क्या उस ‘हाँ’ का खरखस होना और गले का चीर जाना, जिसपे खून भी आ गयाContinue reading

Chandani Ke Badhte Kadam | Mid Night Diary | Kusum Manjeshri
Poetry

चांदनी के बढते कदम | कुसुम मंजेश्री | एक सच्ची प्रेरणात्मक जीवन कथा

यहां पर हर रोज हर किसी को एक नई कहानी चाहिए, और कहानी भी ऐसी वैसे नहीं कहानी में राजा या तो रानी चाहिए, कभी कोई उनकी भी बात कर लो, जो कोने में रहतेContinue reading