Day: January 16, 2018

Waham | Mid Night Diary | Akanki Sharma | Writer Saahiba
Poetry

वहम | एकांकी शर्मा | राइटर साहिबा

मुझको अकसर आजकल ये वहम होता है शायद उसने मुझसे नाता तोड़ दिया है सालों सफ़र में वो साथ था मेरे पर अब शायद तन्हा छोड़ दिया है ये इलज़ाम था कि भरोसा तोड़ा हैContinue reading

Khamosh Lamhein | Mid Night Diary | Saransh Shrivastava
Poetry

खामोश लम्हें | साराँश श्रीवास्तव

पाकीज़गी से लबरेज़ वो वक़्त कितना खूबसूरत होगा ठिठुरती हुई ठण्ड में जब हम किसी दरिया किनारे ओस की बूंदों को आग से मिला देंगे और सुलगती हुई ठण्ड के साथ हम साथ में जिएContinue reading