Day: January 11, 2018

Lafz Aur Dosti | Mid Night Diary | Maninder Singh
Poetry

लफ्ज़ और दोस्ती | मनिंदर सिंह

सियाह रात की तनहाई में अक्सर भटकते हुए लफ्ज़ मिल जाते हैं कुछ जाने पहचाने से कुछ एक दम पराए कुछ पुरानी दलीलों को पुख्ता करते कुछ नऐ अफ़सानों की बुनियाद रख जाते हैं कुछContinue reading