Day: January 10, 2018

RaktBeez | Mid Night Diary | Ashwani Singh
Poetry

रक्तबीज | अश्वनी सिंह

मैं हवा का दम रखता हूँ शूल कुचलता जाऊँगा काली का मुझमे भेष हैं रक्तबीज निगलता जाऊँगा त्रिशूल सा हूँ तेज मैं मैं क्रोध का भण्डार हूँ हिमालय मुझे हैं लांघना मैं अग्नि का श्रृंगारContinue reading