Day: January 1, 2018

Jana | Mid Night Diay | Amrit
Poetry

जाना | अमृत

“जाना”, ये शब्द कभी भी सुखदायी नही हुआ न, बचपन की लट्टू की सुतली से जब, उंगलियां निकाल, उनमे चॉक फँसा कर स्कूल “जाना” हुआ, लगा जैसे किसी वृद्ध को वृद्धाश्रम भेज दिया हो, उनकेContinue reading