Month: December 2017

Poetry

Purani Yaadein | Vikram Mishra

जाने किस ओर हवाओं ने चलाया जादू, जाने कैसे इन निगाहों ने अनोखा देखा। आज फिर कैद हुई बज़्म इस जमाने की, आज अख़बार में यादों का झरोखा देखा।। हो के मायूस अध ठगी सेContinue reading

Manzil | Mid Night Diary | Vishal Swaroop Thakur | Dreams
Poetry

Manzil | Vishal Swaroop Thakur | Dreams

पग की चंचलता ने जब मंज़िल को ललकारा है मंज़िल ने पग को तब तब अपनी ओर पुकारा है रुके हुए पगों को तो धरती भी बोझ ही माने है ब्रह्मांड में वसुंधरा को भीContinue reading

RAJ! Naam To Suna Hi Hoga | Roshan 'Suman' Mishra | Comedy Tadka
Short Stories

RAJ! Naam To Suna Hi Hoga | Roshan ‘Suman’ Mishra | Comedy Tadka

जनवरी की 5 तारीख… दूसरे दिन के अपेक्षा दूनी ठंढ़ महसूस हो रही थी सामने इतना कोहरा की हाथ भी नही सूझ रहा था इस सब के बीच स्कूल का पहला दिन…. पहला दिन काContinue reading

Poetry

Tera Chehra | Mohit Chauhan

बेचैन करती इन रातों मे इस दिल को सुकूनियत देता है तेरा ये चेहरा, सर्द सुबह की खिलखिलाती धूप की तरह खिलखिलाता है तेरा ये चेहरा, घनघोर अंधेरे मे रोशिनी की पहली किरन है तेराContinue reading

Dosti Aur Mazhab | Mid Night Diary | Musafir Tanzeem | All Religions
Poetry

Dosti Aur Mazhab | Musafir Tanzeem | All Religions are One

हाँ अभी भी थोड़ा सा बच्चा हूँ नहीं समझना चाहता हूँ ये धर्म जाति ऊंच नीच अमीर गरीब की बारीकियों को और मेरा दोस्त भी अभी बच्चा है घरवाले दोनो के कहते हैं अब तोContinue reading

Nirbhaya | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee | #16Dec
Poetry

Nirbhaya | Aditi Chatterjee | #16Dec

कल फिर एक और शाम बीत गई, बस लेकर उसका नाम बीत गई। हमने फिर चौहराहो पे दीए जलाए, मोमबत्तियाँ हाथों में लिए जलाए, दिसम्बर की सर्दी में फिर खून में गर्मी हुई, हुई नमContinue reading

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Pahali Baar | Abhinav Saxena | #Nazm

मेरी मुस्कुराहट हमेशा से झूठी नहीं थी, और न ही मैं कभी उलझा हुआ था। बस मोहब्बत से नफरत सी है तुम्हारे बाद। तुम मुझे न तो मिल पायीं न मैं कभी खो ही पायाContinue reading

Tumhari Aankhein | Mid Night Diary | Mohit Chauhan
Poetry

Tumhari Khoobsurati | Mohit Chauhan

जब भी चलता है तुम्हारी आँखों का काला जादू, क्या बतायें तुम्हे ये दिल हो जाता है बेकाबू, एक अलग सा नशा है इन आँखों मे तुम्हारी, निहारते रहें इन नशीली आँखों को ये तमन्नाContinue reading

Aisa Kyun Hua Hai | Mid Night Diary | Mohit Chauhan
Poetry

Aisa Kyun Hua Hai | Mohit Chauhan

ना जाने हर बार ऐसा क्यों हुआ है, चाहा जिसे भी मैने दूर मुझसे वो हुआ है, दर्द अब ये सहूँ कैसे, हाल-ए-दिल बयां करूँ भी तो कैसे, हुई मुझसे खता क्या इस दिल कोContinue reading