Day: December 28, 2017

Short Stories

Khat Tumhare Naam | Raushan ‘Suman’ Mishra

सुनो प्रिय तुमसे एक बात कहनी थी लेकिन हमेशा से बेकाबू दिल पे काबू करते आया हूँ| तुम्हारे घर के सामने मेरी साईकिल का चैन उतरना भले ही तुम्हे “इत्तेफाक” लगता रहा हो, लेकिन मेरेContinue reading

Poetry

Deewarein | Sumit Jha

मेरे कमरे की दीवारें मुझे जकरने लगी है। और अंधेरा मुझे डराने लगा है। बिस्तर की चादर मुझे बांधने लगी है। यहाँ का सन्नाटा अब चीख़ने लगा है। मेरी किताबें चिल्लाने लगी है। सिगरेट ख़ुदContinue reading