Day: December 27, 2017

Aadhuri Kahani Muqammal Ishq Ki | Mid Night Diary | Musafir Tanzeem
Poetry

अधूरी कहानी मुक़म्मल इश्क़ की | मुसाफिर तंज़ीम

आज फिर से वो ख़्याल ज़िन्दा हो गया है जो कभी बो दिया था तुमने दिल में चुपके से मेरे बाल सहलाते हुए उस पर मुलाकातों और बातों की बौछार भी हो रही थी धीरेContinue reading

Main Tha Tum Thi | Mid Night Diary | Amrit
Poetry

मैं था तुम थी | अमृत

छटाँक भर लम्हो की दूरी पे, तुम थी, मुट्ठी भर कदमों की गिनती पे, मैं था, दूरियाँ बढ़ती गयी, लम्हे घटते गए, कदम चले, मुठ्ठियाँ बड़ी होती गयी। सफर की लहरों पे, तुम थी, रास्तेContinue reading

Poetry

पुराणी यादें | विक्रम मिश्रा

जाने किस ओर हवाओं ने चलाया जादू, जाने कैसे इन निगाहों ने अनोखा देखा। आज फिर कैद हुई बज़्म इस जमाने की, आज अख़बार में यादों का झरोखा देखा।। हो के मायूस अध ठगी सेContinue reading