Day: December 12, 2017

Aashna | Mid Night Diary | Reshtu Kumari
Poetry

आशना | रेष्टु कुमारी

हमारा नाम नहीं है, है पर कोई याद है, कोई था जो इस नाम से किसी को बुलाया करता था, कोई था जो इस नाम पर बेवजह मुस्कुराया करता था, लहजा याद है उसका, याद हैContinue reading