Day: December 9, 2017

Tawayaf Ki Beti | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

Tawayaf Ki Beti | Aditi Chatterjee

हर रात घड़ी कि सुई मुझको चुभती है, ये बेदर्दी रात, ये घूप अँधेरा और माँ का इंतज़ार बढ़ता ही जाता है। सुरज ढलते ही रोज़ माँ काम पे निकल जाती है, वो जिस्म नहींContinue reading