Day: December 6, 2017

Poetry

Kal, Cigarette Aur Tum | Dharmendra Singh

कल मेरी सिगरेट शायद आखिरी बार जलेगी फ़िक्र को धुँए में उड़ाने की नाकाम कोशिश मैं कल फिर से करूँगा शायद तुमसे कुछ वादे करके मैं कल फिर भूल जाऊँगा शायद मैं वो झूठी कसमेंContinue reading