Day: December 5, 2017

Micro Tales

Shardi Ki EK Shaam | Saransh Shrivastava

सर्द मौसम था और हवा भी चुभने लगी थी अब, हालाँकि ये चुभन अच्छी भी लगती है। कोहरा और कोहरे को चीरते हुए रोज़ तुमतक आने का सुकून भी कुछ और ही होता है। रोज़ सुबहContinue reading