Day: November 25, 2017

Sab Humein Kabool Hai | Mid Night Diary | Ashwani Singh
Poetry

Sab Humein Kabool Hai | Ashwani Singh

वो खिज़ा में झड़ते पत्ते वो नदी का सूखा जाना वो जन्नत तक जाते रश्ते वो साखों का झुक जाना सब हमे क़ुबूल हैं वो इश्क़ के तामीर छत्ते वो परिंदे का वापस आना वोContinue reading