Day: November 24, 2017

Raavan | Mid Night Diary | Musafir Tanzeem
Poetry

Raavan | Musafir Tanzeem

जब तुम हँसते हो किसी सहकर्मी के स्तन या नितम्ब के बारे में छिछली सी बातें करके तब मुझे लगता है रावण अभी मरा नहीं है। बैठ गया है वो हमारे दिमाग में जब किसीContinue reading

Darmiyaan | Mid Night Diary | Dinesh Gupta
Poetry

Darmiyaan | Dinesh Gupta

तेरे सुर्ख होंठो की नरमियाँ याद है तेरी सर्द आहों की गरमियाँ याद है कुछ भी तो नहीं भूले हम आज भी जो कुछ भी था दरमियाँ याद है…. याद है बिन तेरे वो शहरContinue reading