Day: November 15, 2017

Kitne Hi Dafe | Mid Night Diary | Nikita Raj Purohit | Faith In Love
Poetry

कितने ही दफ़े | निकिता राज पुरोहित | फेथ इन लव

कितनी ही दफ़े खुद को समझाया, तू अब नहीं पलटेगा। पर इस दिल ने भी वहीं पुराना दोहराया, वो धडकन है, ज़रूर लौटेगा। कितनी ही दफ़े अश्कों से झुटलाया, उनकी वजह तेरी कमी नहीं। परContinue reading

Main, Tum Aur Ishq | Mid Night Diary | Saransh Shrivastva
Poetry

मैं, तुम और इश्क़ | सारांश श्रीवास्तव

मुझे बेवफा कहने वाले मेरे हमनफस तुमने तो वफ़ा की थी ना? चलो माना कि हम चले गए थे पर क्या तुमने मुझे कभी पुकारा? नहीं…. क्या तुमने कभी खुले आस्मां की आगोश में मुझसेContinue reading

Kisi Mod Par | Mid Night Diary | Prashant Sharma
Poetry

किसी मोड़ पर | प्रशान्त शर्मा

मसला ये है की आशिकी में कुछ न कमाया हमने। ये जो दर्द में अमीरी है ये तो मिली है इनाम के तौर पर। जो तुमसे न मिली वो किसी और में ढूंढेंगे, लुटाएंगे अबContinue reading