Day: November 14, 2017

Bachpan Jee Liya Karo | Manjari Soni | Happy Children's Day
#UnmuktIndia, Poetry

Bachpan Jee Liya Karo | Manjari Soni | Happy Children’s Day

वो जो बीत गया है बचपन तुम उसे बुला लिया करो, जहाँ कहीं मौका मिले तुम इसे जी लिया करो।। कभी यूँही दरवाज़े के पीछे छुपकर अपने दोस्तों को भौं कर दिया करो दफ़्तर में हींContinue reading

Bullet | Mid Night Diary | Mastana
Poetry

Bullet | Mastana

सड़को पे सोता इंसान घर मे बैठा बेरोज़गार कूड़े मे मुँह मारता कंकाल, और गरीबो के विकास मे अब बुलेट दौड़ेगा, मेरे हिन्दुस्तान मे। नॉर्मल ट्रेन समय पर नही ना अपनी स्पीड मे यहाँ वहाँContinue reading

Poetry

Kissa Hi Sahi | Ashish Kumar Lodhi

हवा की उस सरसराहट का हिस्सा हूँ मैं, जो सुनाया जा सकूँ, वो किस्सा हूँ मैं, अगर गलती से सुनाया, तो लड़ जाओगे, फैसला भर के लिए मिट – मर जाओगे, लड़ोगे इसलिए कि क्याContinue reading

Dikhawati Aansu | Mid Night Diary | Raushan Suman Mishra
Poetry

Dikhawati Aansu | Raushan Suman Mishra

प्रश्न उठाना लाजमी है तेरी दोहरी नीति पर, लाश बिछाया था तुमने बुद्ध अहिंसा धरती पर, बूढ़े मासूमो को मारा जिहाद के जब नामोंं पर, महिलाओं की आबरू लूटी क्या सच्चे इमानों पर, तब कानोंContinue reading