Day: November 13, 2017

Poetry

एह्सास | दिनेश गुप्ता

खिल उठी है कलियाँ सारी, चहक रहा आँगन-आँगन बहकी हुई है सारी फिज़ायें, महक रहा गुलशन-गुलशन रोम-रोम मदहोश हुआ, नाच रही धड़कन-धड़कन मौसम नया, रुत नयी, हवाओं में बात कुछ खास है तू सचमुच आईContinue reading

Samaaj Ke Thekedaar | Mid Night Diary | Manjari Soni
Poetry

समाज के थानेदार | मंजरी सोनी

लो आगये समाज के ठेकेदार बात करने मेरे हक़ की ।। अब ये करेंगे बात बेटी को बचाने की उनके ख़ुद के घर में बेटा हो इसलिए की इन्होंने पूजाएँ थी मारा था इन्होंने हीContinue reading

Gharwale | Mid Night Diary | Divyanshu Kashyap 'Tejas'
Poetry

घरवाले | दिव्यांशू कश्यप ‘तेजस’

चाहूॅ तो भी वो दिलवाले नहीं मिलेंगे लौट कर अब वो घरवाले नहीं मिलेंगे ।। फिक्र तो है दुनिया को भी, इस गाफिल की पर पापा की ऑखों जैसे रखवाले नहीं मिलेंगे ।। पेट तोContinue reading