Day: November 11, 2017

Naari | Mid Night Diary | Anuup Kamal Agrawal
Poetry

Naari | Anuup Kamal Agrawal

मैं गौरी हूँ, मैं कारी हूँ मैं ही माँ तुम्हारी हूँ जिस नारी को देते गारि मैं ही वो बेचारी हूँ। मैं गिरिजा हूँ, मैं भूमिजा हूँ मैं ही शिव की प्यारी हूँ मैं ब्रह्माणी,Continue reading

Poetry

Insaaf | Arvindra Rahul

ये नाम आंखें ,मुरछाया चेहरा। झुकी कमर और दुःख का पहरा। देख रहे हो … ये हरिया हे। कचहरी के रोज दो चार चक्कर लगता हे। पहले अपने बाप के साथ आता था। आज अपनेContinue reading

Ashudh | Mid Night Diary | Aayush Paul
Micro Tales

Ashudh | Aayush Paul

सूरज की पहली किरण खिड़की के दरारों से होते हुए दस बाय बारह के कमरे में दुर्गेश की आँखों को सिकोड़ ही रही थी कि माँ की आवाज़ कानो तक पहुच गयी, पर माँ केContinue reading