Day: November 3, 2017

Poetry

Sab Yaad Hai Mujhe | Amit Tiwari

सब याद है मुझे , फ़िराक में तो हर कोई था तुम्हे पाने की , पर तुम्हें पाने की फ़िराक हमको न थी थी तो बस कद्र तुम्हारे इस झुंझलाहट की जो मेरी गलतियों पेContinue reading

Kyun Nahi | Mid Night Diary | Vaidehi
Poetry

Kyun Nhin | Vaidehi Sharma

मैं वो क्यों नहीं हूं जो मुझे होना चाहिए, मैं वो क्यों हूं जो मुझे नहीं होना चाहिए, क्यों नहीं मैं दूध भरा गिलास फैला देता, क्यों नहीं मैं स्याही हाथों पर लगा लेता, बालContinue reading