Day: November 2, 2017

Wo Milte Rahe | Aditi Chatterjee | Love A Cross Border
Poetry

वो मिलते रहे | अदिति चटर्जी | लव अक्रॉस बोर्डेर

इश्क़ में कितने हसीं सौगात मिलते रहें, टूट कर बाज़ुओं में वो मिलते रहें ।। दस्तूर-ए-जहां ये सब भूल कर, दिल-ए-आशियाँ में वो मिलते रहें । और दीदार-ए-सनम जो इबादत बना, पीछे मस्जिद के वोContinue reading

Ek Din | Mid Night Diary | Veebha Parmar
Poetry

एक दिन | विभा परमार

तुम सिर्फ़ मुस्कुरा रहे हो और मैं, रिसती हूँ रोज़ तुझे याद नहीं पर मुझे याद है तेरा फरेब जिसके दाग़ मेरे अंतर्मन में छपे हुए है जिससे मैं और मेरी आत्मा क्षतिग्रस्त है लेकिनContinue reading