Day: November 1, 2017

Fareb | Mid Night Diary | Ashish Kumar Lodhi
Poetry

Fareb | Ashish Kumar Lodhi

सब निकले बेवफा इस कदर, कि दिवारों के भी कान हो गए, जिसे समझा हमने सोने का महल, पल भर में श्मशान हो गए। वो कहते हम दिल के गरीब, खुद शहर के बेवफा हैं,Continue reading

Poetry

Kya Karne Lga Hun | Roshan ‘Suman’ Mishra

तुम्हें पाने की कोशिशें खाक करके, खुद को पाने की राह पर चलने लगा हूँ। देख ना ले नजरें कोई तस्वीर तुम्हारी, बचपन के खिलौने सा छुपाने लगा हूँ। शहर में बदनाम हैं मेरे नामContinue reading