Day: November 1, 2017

Poetry

क्या करने लगा हूँ | रोशन ‘सुमन’ मिश्रा

तुम्हें पाने की कोशिशें खाक करके, खुद को पाने की राह पर चलने लगा हूँ। देख ना ले नजरें कोई तस्वीर तुम्हारी, बचपन के खिलौने सा छुपाने लगा हूँ। शहर में बदनाम हैं मेरे नामContinue reading

Kisi Ko To Shikayat Ho Rahi Hai | Mid Night Diary | Abhinav Saxena | Ghazal
Ghazal

किसी को तो शिकायत हो रही है | अभिनव सक्सेना | ग़ज़ल

मिरी खुद से अदावत हो रही है, हमें ये किसकी आदत हो रही है। हमीं से खुद नहीं मिल पा रहे हम किसी को तो शिकायत हो रही है। यहां पेड़ों के साये हैं बहुतContinue reading