Day: October 25, 2017

Wajood | Mid Night Diary | Vaidehi Sharma
Micro Tales

वजूद | वैदेही शर्मा

मेरा वक्त, मेरे सवाल, मेरे वहम… सब बिखरे पड़े थे जैसे किसी चादर की सलबटो से हो….. खामोशियाँ यूँ छाई थी जैसे, ना तू बोलना जनता हो ना मैँ.. मैंने उन अल्फ़ाज़ों को कई बारContinue reading

Poetry

मेरा पहला प्यार | अदिति चटर्जी

बिना झिझक लोगों से मिलना, रोज़ नए दोस्त बनाना, इज़हार-ए-मोहब्बत बिन सोचे कर जाना, सबकुछ हमेशा से ऐसा नहीं था। पलके झुकी रह गईं थी, घबराहट के कितने घूंट उतरे थे, बेक़रारियों-बेचैनियों का आलम था,Continue reading