Day: October 5, 2017

Poetry

उम्र के दो पड़ाव | मंजरी सोनी

कल पार्क में उम्र के दो पड़ाव को झूला झूलते देखा, नादानी अौर समझदारी को एक साथ देखा ।। एक उलझनो में उलझा उदास, दूसरा उत्साह से भरपूर बिंदास, दोनो की मुस्कान में बहुत अंतरContinue reading

Feri Walaa | Mid Night Diary | Ashish Kumar Lodhi
Poetry

फेरी वाला | आशीष कुमार लोधी

वो घूम जाते हैं पूरा बाजार, और सीधा अपने घर। मगर हाँ, कभी-कभी खरीद लेते हैं, दूसरे के जरूरत का सामान, जैसे कुछ रंग-बिरंगे गुब्बारे, कभी खिलौने, कभी सब्जी, कभी बर्फ का जखीरा, कभी-कभी एकContinue reading