Day: October 2, 2017

Roop Tumhari | Mid Night Diary | Roshan 'Suman' Mishra
Love, Poetry

Roop Tumhaari

घनी अंधेरी रातों में वो, दिखती पुनम सी प्यारी। जुल्फ घनेरी लट उलझे हैं, मेघ घनाघन सी कारी। माथे बिंदिया चमक रही है, उगते सूरज सी लाली। होंठों पर कपकपी टिकी है, छलकत जाम कीContinue reading