Day: October 1, 2017

#OneGoOneImpact, Poetry

Bachpan

हॅसी हताश, खिलौने उदास, किलकारी गुमनाम है। शायद आज के दौर में  बचपन इसी का नाम है। न जाने क्यूॅ महरूम है वो अपनों की मोहब्बत से। शायद आज के दौर में मॉ-बाप को बहुतContinue reading