Day: September 29, 2017

Short Stories

कुछ मेरी भी | जय वर्मा

मैं एक मूर्तिकार हूं। दिन भर पत्थर की शिलाओं पर खट् खट् खट् खट् खट्। यही मेरा काम है। मैं, तरह तरह के महापुरुषों देवों देवियों को गढ़ने वाला अपना भाग्य नहीं गढ़ पाता हूं।Continue reading