Day: September 24, 2017

Dhundh | Mid Night Diary | Jay Verma
Poetry

धुंध | जय वर्मा

लोगों को पसंद है धुंधलका, जिससे न पहचाने जा सकें चेहरे। छिपे रहें तथ्य, अस्पष्ट रहें विचार, और, चलता रहे यूं ही, ज्यों ही चलता है। एक पलायान, एक लुकाछिपी, चलती है सतत, इस स्पष्टताContinue reading

Love, Short Stories

आई हेट यू ‘संजीत’ | आकाश कुशवाहा

रात के ग्यारह बज रहा होगा, सिरहाने तकिये के पास रखा मोबाइल बज उठा नींद मे अधखुली आँखों से मैंने देखा साक्षी का कॉल था “हेलो….. साक्षी” ..ओये मेरे हीरो गाँव क्या गये तुम तो जैसेContinue reading

Nishchhal Prem Ki Abhivyanjana | Mid Night Diary | Vishal Swaroop Thakur
Love, Micro Tales

निश्छल प्रेम की अभिव्यंजना | विशाल स्वरूप ठाकुर

हां आने लगी हो तुम मेरे सपनो में ख्वाबों के रस्ते पर चलते हुए। तुम वह तितली हो जो बाग़ को चारो तरफ से बंद किये जाने के बाद भी उस में आने से वंछितContinue reading