Day: September 16, 2017

Roz Ki Bheed Bhaad | mid Night Diary | Pravin Pandey
Short Stories

Roz Ki Bheed Bhaad

रोज़ की भीड़ भाड़ से कुछ अलग ही लग रही थी आज की भीड़ ट्रेन में… पता नहीं क्यूँ लोगों के चेहरे आज अच्छे नहीं लग रहे थे, और ना ही उनकी हँसी अच्छी लगContinue reading

Ajnabi | Mid Night Diary | Kumar Jitendra
Love, Poetry

Ajnabi

बस देख तेरी आँखो में हम, तुझको अपना पाए है, मन मस्त गगन की गलियों में, दो चार छंद ये गाए है। पर तुम ना हम को जाने है, ना तुमको हम जाने है, तुमContinue reading

Poetry

Manav Nahin Main Ped Hun

मानव नहीं ‘मैं पेड़ हूँ’ अभी बूढ़ा नहीं, अधेड़ हूँ। अभी तो बौर आया है, अभी तो सावन आया है, अरे! ये क्या? कुछ लोग आए हैं, कुछ औजार लाए हैं, मालिक भी साथ आयाContinue reading