Day: September 15, 2017

Hazaar Khwaab | Mid Night Diary | Archana Mishra
Love, Poetry

Hazaar Khwaab

रुक-रुक कर बारिश का आना, मुझे तुम्हारा ख़्वाब दे जाता है। ये चलते-चलते आसमां में, अचानक चाँद का बादलों में छुप जाना भी, तुम्हारा ख़्वाब दिखाता है मुझे।   तुम्हारा ही ख़्वाब आता है मनContinue reading

Kuch Misra | Mid Night Diary | Roshan 'Suman' Mishra
Love, Poetry

Kuch Misra

बस इक आखिरी ख्वाब हो अब भी, यादों को इस कदर संजोया है हमने। रातें कटती है रोते हुए अब भी, आंसुओं से तकिये भिगोया है हमने।। देखता हूँ दर्पण बार बार अब भी, बड़ीContinue reading