Day: August 29, 2017

Surakshit Aawaran | Mid Night Diary | Surbhi Anand
Love, Poetry

Surakshit Aawaran

मैं ख्वाबों में हूँ, आकर मेरी कुछ पंक्तियां गुनगुना तो लो, मैं शहर के भीड़ में तन्हा हूँ, सामने मुखातिब हो मेरे चेहरे पर मुस्करा तो दो ! इस अल्हड़ नजर ने एक परिपक्व नजरContinue reading