Day: August 14, 2017

Main, Wo Aur Anhoni | Mid Night Diary | Piyush Bhalse
Short Stories

मैं, वो और अनहोनी | पियूष भालसे

मैं-अनहोनी होगी शायद वो- अनहोनी? कैसी अनहोनी? मैं-अनहोनी जैसी । । वो- क्या? मैं- जिसका सुनकर पलको की साँसे रुक जाये,वो झपकना बंद कर दे। मुँह खुला का खुला रह जाये। शब्द का दम भीContinue reading