Month: August 2017

Ek Baag Me | Mid Night Diary | Amita Gautam
Poetry

एक बाग़ में | अमिता गौतम

कोमल सी पखुड़िया, रगं उसका लाल, सौन्दर्य मे वो सबसे कमाल, है महक उसकी मनमोहक नशीली, एक बाग मे सुमन अकेली.. न अहंकार, न कोई कमी, उसको प्यारी इस देश की ज़मी, हंसती,मुस्कुराती, चंचल मनContinue reading

Parda | Mid Night Diary | Vaidehi Sharma
Love, Poetry

पर्दा | वैदेही शर्मा

जिस रोज़ पर्दे का गिरना होगा, मैं आऊँगा फिर तुमसे हाथ मिलाने, तुम्हें मुझे करीब से दिखाने, उन तालियों की गहरी आवाज़ों के बीच, उन लोगों की सुलगती आंखों के बीच, वो झिलमिलाती पोषाक उतारकर,Continue reading

Surakshit Aawaran | Mid Night Diary | Surbhi Anand
Love, Poetry

सुरक्षित आवरण | सुरभि आनदं

मैं ख्वाबों में हूँ, आकर मेरी कुछ पंक्तियां गुनगुना तो लो, मैं शहर के भीड़ में तन्हा हूँ, सामने मुखातिब हो मेरे चेहरे पर मुस्करा तो दो ! इस अल्हड़ नजर ने एक परिपक्व नजरContinue reading

Short Stories

गुड़ की डली | हृदेश कुमार सूत्रकार | बेस्ड ऑन फॉर्मर सुसाइड केस

हाथ में पत्थर उठा कर जोर से चिल्लाते हुए, भग सुबह सुबह भो भो करती रहती है, ये भूरी और कुछ काम तो हैं नहीं, हम ही खिलाये इसे और हमारी ही नींद ख़राब करे,Continue reading

Baarish | Mid Night Diary | Anupama verma
Love, Poetry

बारिश | अनुपमा वर्मा

धरती पर आज फिर, बूंदो की चादर बिछी मोहब्बत बेहिसाब है, कि नजर हटती ही नही बूंदो की फुहार से, धरती को फिर राहत मिली हमे मिली ना राहत, पर उम्मीद तो मिल ही गयीContinue reading

Love, Poetry

Dharti Aakash Ka Aalingan

इतनी मोहाब्बत न करो मुझसे कहीं मैं डूब न जाऊँ समुद्र में उफनती लहरों की तरह कहीं खुद में से उफन तुझमें न गिर जाऊँ ! मोहाब्बत में तेरे आस्था की खुशबू थी तेरे कंधेContinue reading

Ganesh Ghaat - Ganesh Chaturthi Special
Short Stories

गणेश घात | विशाल स्वरुप ठाकुर | गणेश चतुर्थी स्पेशल

गंगा का वह गणेश घाट, दिमाग में टेंशन और जिंदगी की वह कसौटी जहाँ पर आदमी या तो कुछ कर गुज़र जाता है या गुज़र जाता है। कुछ कर गुज़रना तो इस वक्त मुमकिन नहींContinue reading

A Conversation with My BB* Blackberry Mobile | Mid Night Diary | Raghv Bharat
Short Stories

अ कन्वर्सेशन विथ माय बीबी ब्लैकबेरी | राघव भरत

अनुज बधू भगिनी सुत नारी । सुनु सठ कन्या सम ए चारी ॥ इन्हहि कुदृष्टि बिलोकइ जोई । ताहि बधें कछु पाप न होई ॥ सूर्या देव जब धरती पर अपने आने के संकेत देContinue reading

Short Stories

सामाजिक कैद | अदिति चटर्जी

कभी इधर- कभी उधर, उफ्फ्फ! आज तो नींद ही नहीं आ रही। आए भी तो कैसे, इतने दिनों से इंतज़ार था स्वतंत्रता दिवस के आने का, 2 साल हो गए हैं क्लासिकल वोकल संगीत सीखतेContinue reading

Wo - Ek Khyaal Si | Mid Night Diary | Shubham Negi
Love, Short Stories

वो – एक ख्याल सी | शुभम नेगी

आज इतवार था। फुरसत वाला दिन। मैं अभी बिस्तर पर ही था। बगल से जम्हाई की आवाज़ आई। ज़िन्दगी जाग गयी थी। आज बिना अलार्म के कैसे जाग गयी? ख़ैर, मैं उसे एकटकी से निहारताContinue reading