Month: July 2017

Short Stories

आज़ादी | अनुभव बाजपाई चश्म

अल्पना बालकनी में बैठी सामने पार्क में खेल रहे बच्चे को एकटक निहार रही थी, एक तरफ बच्चे के चेहरे पर मुस्कान खिली थी तो अल्पना अनिमेष नेत्रों से उस मुस्कान को गीला कर रहीContinue reading

Benaam Khat, Micro Tales

मनमर्ज़ियाँ | अमन सिंह

पहले मैं कुछ और सोच रहा था, लेकिन अब कुछ और सोच रहा हूँ.. पर यह सोचना भी कितना मुश्किल है कि ऐसा क्या सोच रहा हूँ कि जिसके लिए इतना सोचना पड़ रहा है।Continue reading

Tumhari Aankhein
Benaam Khat, Love, Micro Tales, Short Stories

तुम्हारी आँखें | अमन सिंह | #बेनामख़त

बातें करना कोई तुमसे सीखे, कुछ न कहकर भी कितना कुछ बोल जाती हो तुम। हर बात को लफ़्ज़ों में कहा जाये ये जरूरी नहीं, और हर बात को शब्दों से बाँध कर कागज़ परContinue reading

muskaan love
Benaam Khat, Micro Tales

मुस्कान | अमन सिंह

बारिश के इस मौसम में खुद को भीगने से बचाना जितना मुश्किल है, उतना ही मुश्किल है तुमसे नज़रें चुराना.. तुम सामने हो और तुम्हें न देखूं, कोशिश तो हर बार करता हूँ पर, खुदContinue reading