Itna Mushkil Bhi Nahi Hai | Mid Night Diary | Anupama Verma
Poetry

इतना मुश्किल भी नहीं है | अनुपमा वर्मा

बहोत आसान है जो हम अकसर करते है लेकिन मैने करके देखा है हाँ.. वो जो हम अकसर नही करते है और यकीं करो दोस्तो इतना मुश्किल भी नहीं है हाँ.. बहोत आसान है बाहरContinue reading

Wo Darti Hai | Mid Night Diary | Uttam Kumar
Poetry

वो डरती है | उत्तम कुमार

वो डरती है। साथ किसी के रहने से,साथ किसी के चलने से, साथ किसी के होने से,साथ किसी के जीने से, वो डरती है। बात किसी से करने से,बात किसी का सुनने से, बात किसीContinue reading

Hausale Buland Hain | Mid Night Diary | Upasana Pandey
Poetry

हौसलें बुलंद हैं | उपासना पाण्डेय

कुछ वक्त की तरह थम से गये हम, कुछ रेत के जैसे बिखर गए हम, कुछ बंदिशे है अभी ज़िन्दगी में, कल खुले आसमान में उड़ना है हमे, अभी तलाश रही हूँ , एक खुलाContinue reading

Intzaar Us Pal Ka | Mid Night Diary | Upasana Pandey
Short Stories

इंतजार उस पल का | उपासना पाण्डेय

मेरी डायरी का पन्ने का हिस्सा-‘इंतजार’ तुम जब भी रूठने की कोशिश करते हो मैं तुम्हे आवाज देती हूँ, ‘राजीव’ सुनो न जब भी उससे ऐसे बोलती हूँ तो, वो पलटकर मुस्कुरा देता है जैसेContinue reading

Wo Sirf Chhaye Saal Ki Bacchi Thi Yar | Mid Night Diary | Anupama verma
Poetry, Uncategorized

वो सिर्फ छह साल की बच्ची थी यार | अनुपमा वर्मा

बहोत मुश्किल था पर मन बना लिया था अब नही लिखूंगी। लेकिन कल शाम जब मैने गांव मे कदम रखा तो देखा.. गांव की सारी औरते मिलकर एक औरत को बुरी तरह मार रही थीContinue reading

Kanha Tune Preet Sikhai | Mid Night Diary | Anupama verma
Poetry

कान्हा तूने प्रीत सिखाई | अनुपमा वर्मा

नीरस लगता था हर एक क्षण नाउम्मीद था हर एक कल शून्य था मै स्वयं मे अब तक तूने पूर्णता की ज्योत जगाई मन को मेरे दिशा दिखाई कान्हा तूने प्रीत सिखाई जग की रोशनीContinue reading

Makaan | Mid Night Diary | Yash Sharma
Poetry

मकाँ | यश शर्मा

गर आओगी इस मकाँ कभी तो इसे उजड़ा हुआ पाओगी वीराना कमरा भी होगा एक पर अब वो कमरा भी क्या उस कमरे में जा के देखना वो चादर की सिलवटें और कुछ तस्वीरें तुम्हारीContinue reading

Poetry

हर रात तन्हा गुजर जाती है | ‘उपासना पाण्डेय’ आकांक्षा

आज हर शाम तन्हा गुजर जाती है, किसी की याद में आंखे भर जाती है, बेचैनियों में काटती है मेरी राते, हर रात तन्हा गुजर जाती है, कोई शामिल नही मेरे दर्द में तेरे सिवा,Continue reading