Poetry

Koi Aur Hai | Prashant Sharma

हर दम जिस से मुआमला है मेरा, उसका सिलसिला कोई और है। हर्फ़ जैसा बिखरा पड़ा है वजूद मेरा, उसके जज़्बात कोई और है। मैं क़र्ज़ में दबा बेठा हु जिसके, उसका मोल कोई और है।Continue reading

Lag Ja Gale | Mid Night Diary | Aman Singh
Benaam Khat

Lag Ja Gale | Aman Singh | Benaam Khat

तुमने जब भी मुझे गले लगाना चाहा है, मैंने तुम्हारी बाहों में खुद को सौपने से पहले अपने हाथ खोलकर तुम्हें अपने सीने में छुपा लिया। मैं ऐसा सिर्फ इसलिये ही नहीं करता कि तुम्हारेContinue reading

Aashna | Mid Night Diary | Reshtu Kumari
Poetry

Aashna | Reshtu Kumari

हमारा नाम नहीं है, है पर कोई याद है, कोई था जो इस नाम से किसी को बुलाया करता था, कोई था जो इस नाम पर बेवजह मुस्कुराया करता था, लहजा याद है उसका, याद हैContinue reading

Micro Tales

Ye Duniya Le Dekar Chalati Hai | Jay Verma

बात यदि प्रेम की हो तो सभी के हृदयों में गुदगुदी होने लगती है।यहाँ प्रेम से अभिप्राय प्रणय से अर्थात स्त्री-पुरुष के आकर्षण सम्बन्धी सम्बन्धों से है। जैसे ही प्रेम की बात उठती है हरContinue reading

Tawayaf Ki Beti | Mid Night Diary | Aditi Chatterjee
Poetry

Tawayaf Ki Beti | Aditi Chatterjee

हर रात घड़ी कि सुई मुझको चुभती है, ये बेदर्दी रात, ये घूप अँधेरा और माँ का इंतज़ार बढ़ता ही जाता है। सुरज ढलते ही रोज़ माँ काम पे निकल जाती है, वो जिस्म नहींContinue reading

Ghazal

Khone Ka Dar | Divyanshu Kashyap ‘Tejas’

तुझे पाने की चाहत नहीं मुझको, पर तुझे खोने का डर लगता है। रिश्ता भी कुछ खास नहीं तुझसे, पर ये डर मुझको हर पहर लगता है।। खानाबदोश जिन्दगी थी मेरी अब से पहले परContinue reading

Poetry

Kal, Cigarette Aur Tum | Dharmendra Singh

कल मेरी सिगरेट शायद आखिरी बार जलेगी फ़िक्र को धुँए में उड़ाने की नाकाम कोशिश मैं कल फिर से करूँगा शायद तुमसे कुछ वादे करके मैं कल फिर भूल जाऊँगा शायद मैं वो झूठी कसमेंContinue reading

Micro Tales

Shardi Ki EK Shaam | Saransh Shrivastava

सर्द मौसम था और हवा भी चुभने लगी थी अब, हालाँकि ये चुभन अच्छी भी लगती है। कोहरा और कोहरे को चीरते हुए रोज़ तुमतक आने का सुकून भी कुछ और ही होता है। रोज़ सुबहContinue reading